मेरे बांके बिहारी सरकार नजर तोहे लग जाएगी

इंद्रेश जी महाराज
श्री कृष्ण भजन भजन इंद्रेश जी महाराज
॥ दोहा ॥

बांकी झांकी बांकुरा, रूप सलोनो श्याम।
इंद्रेश नजर उतारसी, जय जय बांके धाम॥

॥ चौपाई ॥

मेरे बांके बिहारी सरकार, नजर तोहे लग जाएगी।
लग जाएगी कन्हैया, नजर तोहे लग जाएगी॥
मेरे बांके बिहारी सरकार, नजर तोहे लग जाएगी॥

इतना सुंदर रूप बनाया, जादू सा नैनन में छाया।
देख के छवि तेरी मोहन, सुधबुध खोई सारी काया॥
कर लो पर्दा ओ प्यारे दिलदार, नजर तोहे लग जाएगी।
मेरे बांके बिहारी सरकार, नजर तोहे लग जाएगी॥

मोर मुकुट सिर पे सोहे, कानन कुंडल झलके।
टेढ़ी भौंहें टेढ़ी चितवन, घुंघराली सी अलकें॥
वारूँ राई और नमक हजार, नजर तोहे लग जाएगी।
मेरे बांके बिहारी सरकार, नजर तोहे लग जाएगी॥

इंद्रेश कहे ओ बांके बिहारी, हम तो तेरे हैं पुजारी।
अपने नैनन में बसा के, राखेंगे सूरत तिहारी॥
सदा रहे तेरा ही दीदार, नजर तोहे लग जाएगी।
मेरे बांके बिहारी सरकार, नजर तोहे लग जाएगी॥

॥ दोहा ॥

बांके बिहारी लाल जू, परम रूप निधान।
इंद्रेश न्योछावर करे, कोटि कोटि मघवान॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

वृंदावन के लाडले ठाकुर श्री बांके बिहारी जी के अनुपम रूप-सौंदर्य को देखकर भक्त का वात्सल्य भाव से नजर उतारना।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।