मेरे बालाजी महाराज, जयकारा गूंजे गली गली

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मेरे बालाजी महाराज,

जयकारा गूंजे गली गली,

जयकारा गूंजे गली गली,

जयकारा गूंजे गली गली,

मेरे बालाजीं महाराज,

जयकारा गूंजे गली गली ॥

दरबार लगे प्यारा प्यारा,

तू है भक्तो का रखवाला,

तेरे चरणों में संसार,

जयकारा गूंजे गली गली,

मेरे बालाजीं महाराज,

जयकारा गूंजे गली गली ॥

घट घट वासी अंतर्यामी,

बलवीर सकल जग के स्वामी,

श्री राम के पहरेदार,

जयकारा गूंजे गली गली,

मेरे बालाजीं महाराज,

जयकारा गूंजे गली गली ॥

जब नाम कान से सुन पावे,

नहीं भूत पिशाच निकट आवे,

दे दे सोटो की मार,

जयकारा गूंजे गली गली,

मेरे बालाजीं महाराज,

जयकारा गूंजे गली गली ॥

तुम ज्ञान वान बलधारी हो,

सदा दीन दुखी हितकारी हो,

शिव शंकर के अवतार,

जयकारा गूंजे गली गली,

मेरे बालाजीं महाराज,

जयकारा गूंजे गली गली ॥

मेरे बालाजी महाराज,

जयकारा गूंजे गली गली,

जयकारा गूंजे गली गली,

जयकारा गूंजे गली गली,

मेरे बालाजीं महाराज,

॥ दोहा ॥

जयकारा गूंजे गली गली ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।