मेरा खो गया दिल वृन्दावन धाम में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Radha Krishna Bhajan
॥ दोहा ॥

॥श्री बांके बिहारी जी के भक्तों के दिल की पुकार हैं इस भजन में ॥

॥ चौपाई ॥

मेरा खो गया दिल , वृन्दावन धाम में ,

मेरा लागे नहीं मन , किसी काम में ,

मेरा तन , मेरा मन , मेरा पुरा जीवन ,

मेने कर दिया सब कुछ , तेरे अर्पण ,

मुझे रहना है अब , तेरे धाम में ,

मेरा लागे नहीं मन , किसी काम में ,

मेरा खो गया दिल , वृन्दावन धाम में ,

मेरा लागे नहीं मन , किसी काम में ,

मुझे तेरा ही भरोसा , मुझे तेरा ही सहारा ,

मुझे लगता है श्याम , तेरा धाम ये प्यारा ,

मुझे रहना है अब , तेरे धाम में ,

मेरा लागे नहीं मन , किसी काम में ,

मेरा खो गया दिल , वृन्दावन धाम में ,

मेरा लागे नहीं मन , किसी काम में ,

मुझे सोना नहीं भावे , मुझे चांदी नहीं भावे ,

मुझे हीरा नहीं भावे , मुझे मोती नहीं भावे ,

मुझे मिलता है सुख , तेरे धाम में ,

मेरा लागे नहीं मन , किसी काम में ,

मेरा खो गया दिल , वृन्दावन धाम में ,

मेरा लागे नहीं मन , किसी काम में ।

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

मेरा खो गया दिल वृन्दावन धाम में | Mera Kho Gaya Dil Vrindavan Dham Mein

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।