मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे,

मुझको तो किसी की खबर नही ॥

जब से देखा है मैने तुझे,

दिल तेरा दीवाना हो ही गया,

जब से देखा है मैने तुझे,

दिल तेरा दीवाना हो ही गया ॥

मेरे नैनो,

मेरे नैनो को अब तेरे सिवा,

कुछ और तो आता नज़र नही,

मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे,

मुझको तो किसी की खबर नही ॥

क्या क्या महिमा बतलाऊँ मैं,

कैसे दिल की बात बताऊँ मैं,

क्या क्या महिमा बतलाऊँ मैं,

कैसे दिल की बात बताऊँ मैं ॥

मेरा बहुत,

मेरा बहुत पुराना नाता है,

मुझपे तो किसी का असर नहीं,

मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे,

मुझको तो किसी की खबर नही ॥

जो होगा देखा जाएगा,

अब हम तो रहेंगे चरणों में,

जो होगा देखा जाएगा,

अब हम तो रहेंगे चरणों में ॥

अब भला,

अब भला बुरा माँ क्या सोचे,

हमको तो चिंता फिकर नही,

मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे,

मुझको तो किसी की खबर नही ॥

जब इतना कुछ हो जाता है,

दिल मेरा मचलने लगता है,

जब इतना कुछ हो जाता है,

दिल मेरा मचलने लगता है ॥

मिलने को,

मिलने को तड़पड़े मैय्या से,

रहती फिर माँ को सबर नही,

मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे,

मुझको तो किसी की खबर नही ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।