मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है करते हो तुम कन्हैया

मृदुल कृष्ण शास्त्री
श्री कृष्ण भजन भजन मृदुल कृष्ण शास्त्री
॥ दोहा ॥

तू ही करता तू ही करवाता, सब कुछ तेरे हाथ।
मृदुल कृष्ण गावे सदा, राखहु सर पर हाथ॥

॥ चौपाई ॥

मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है।
करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है॥
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है॥

पतवार के बिना ही मेरी नाव चल रही है।
हैरान है ज़माना मंज़िल भी मिल रही है॥
करता नहीं मैं कुछ भी सब काम हो रहा है।
करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है॥

मेरी जिंदगी में प्यारे तेरा ही सहारा है।
डूबे हुओं को तूने हर पल उबारा है॥
किरपा तुम्हारी पाके सम्मान हो रहा है।
करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है॥

मृदुल कृष्ण कहे मोहन अहसान है तुम्हारा।
चरणों में तेरे अर्पित ये जीवन हमारा॥
संसार में हमारा परचम लहरा रहा है।
करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है॥

॥ दोहा ॥

सब कुछ प्रभु का जान के, अहंकार तजि देय।
मृदुल कृष्ण भगवंत कृपा, सहजहिं जीवन श्रेय॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

जीवन की समस्त सफलताओं और सिद्धियों का श्रेय अपने अहंकार को न देकर केवल ठाकुर जी की असीम अनुकंपा को समर्पित करने का कृतज्ञता भजन।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।