मेहंदीपुर का ये बजरंग बाला बड़ा

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मेहंदीपुर का ये बजरंग बाला बड़ा,

इसके दर से ना कोई भी खाली गया,

जो आया मुरादें मिली है उसे,

इसके दर से ना कोई सवाली गया,

मेहन्दीपुर का ये बजरंग बाला बड़ा ॥

ये तो दुखियों की झोली को क्षण में भरे,

विपदाओं के बादल को दूर करे,

घाटा के पर्वतों पे चमत्कार कर,

भक्तो के संकटों को निकाले गया,

इसके दर से ना कोई भी खाली गया,

मेहन्दीपुर का ये बजरंग बाला बड़ा ॥

तेरी मूरत सजीली वो पाषाण सी,

जिसमे ममता भरी है रे भगवान की,

तू तो खुद बना भक्त श्री राम का,

रामा रामा रटा देता ताली गया,

इसके दर से ना कोई भी खाली गया,

मेहन्दीपुर का ये बजरंग बाला बड़ा ॥

तेरे द्वारे पे भक्तो की भरमार है,

बैठा ले के तू प्रेतों का दरबार है,

कोई झूमे इधर कोई झूमे उधर,

तेरे सोटे का वार ना खाली गया,

इसके दर से ना कोई भी खाली गया,

मेहन्दीपुर का ये बजरंग बाला बड़ा ॥

लाया श्रीफल का भोग में श्री बालाजी,

तेरी ज्योति जगाने को ओ बालाजी,

तेरी पूजा रचाने को बजरंगबली,

घृत और सिंदूर की थाली लया,

इसके दर से ना कोई भी खाली गया,

मेहन्दीपुर का ये बजरंग बाला बड़ा ॥

मेहंदीपुर तो प्रभु वो ही जा पाएंगे,

जो भी सेवा में तेरी भजन गाएंगे,

मैं तो पूजा ना जानू ना जप तप तेरा,

मेरी बगिया का तू बन माली भया,

इसके दर से ना कोई भी खाली गया,

मेहन्दीपुर का ये बजरंग बाला बड़ा ॥

मेहंदीपुर का ये बजरंग बाला बड़ा,

इसके दर से ना कोई भी खाली गया,

जो आया मुरादें मिली है उसे,

इसके दर से ना कोई सवाली गया,

॥ दोहा ॥

मेहन्दीपुर का ये बजरंग बाला बड़ा ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।