मीरा भई रे बावरी

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन Bhajan Bhagwat Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जोगन बनी है बावरी, दर्शन कराओ ना

मीरा दरश को व्याकुल है कान्हा तुम आओ ना

जोगन बनी है बावरी, दर्शन कराओ ना

मीरा भई रे बावरी, कान्हा तुम आओ ना

प्रीत लगा के अपनी क्यूं, ओझल से हो गए

जागूं मैं याद में तेरी, तुम कैसे सो गए

सपने मेरे यूं तोड़ कर, इतना सताओ ना

जोगन बनी है बावरी, दर्शन कराओ ना

मीरा भई रे बावरी, कान्हा तुम आओ ना

श्याम दरश बीना तेरे, प्यासा है मन मेरा

बुझते हुए चिराग को, विश्वास है तेरा

विश्वास मेरा तोड़ कर, खुद को लजाओ ना

जोगन बनी है बावड़ी, दर्शन कराओ ना

मीरा भई रे बावरी कान्हा तुम आओ ना

आंखों में तेरी है छवि, होंठो पे तेरा नाम

लेकर के तेरा नाम ये प्याला लिया है थाम

विष की जलन जला दे ना, ठंडक दिलाओ ना

जोगन बनी है बावरी, दर्शन कराओ ना

मीरा भई रे बावरी कान्हा तुम आओ ना

[Santo Ki Vani Bhajan Lyrics]

भक्ति पे तेरी भक्तन के, संदेह कर रहा

सुनकर के ताने "सोनू" के, घाव ना भर रहा

सांसों की डोर टूट रही, अमृत पिलाओ ना

मीरा भई रे बावरी कान्हा तुम आओ ना

जोगन बनी है बावरी, दर्शन कराओ ना ।।

मीरा दर्श को व्याकुल है कान्हा तुम आओ ना

जोगन भई रे बावरी दर्शन कराओ ना

मीरा भई रे बावरी कान्हा तुम आओ ना

दर्शन कराओ ना

कान्हा तुम आओ ना

दर्शन कराओ ना

कान्हा तुम आओ ना

भजन गायक: अमित गोस्वामी

लेखक: स्मिता शर्मा सोनू

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।