माता महादेवी है नाम, विराजी दशरमन में

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Navratri Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

माता महादेवी है नाम,

विराजी दशरमन में,

सेवा में पंडा हज़ार,

माई की मढुलिया में,

माता महादेवी हैं नाम,

विराजी दशरमन में ॥

आप विराजी सील में जाकर,

नगरी बसा दई नीचे आकर,

सेवा में सब नर नार,हए,

माई की मढुलिया में,

माता महादेवी हैं नाम,

विराजी दशरमन में ॥

नीचे विराजे राम लला जी,

संग में उनके सीता माँ भी,

सेवा में हनुमत लाल,

माई की मढुलिया में,

माता महादेवी हैं नाम,

विराजी दशरमन में ॥

नवराते में बोये जवारे,

द्वार तुम्हारे काली नाचे,

करते सब जय जयकार,

माई की मढुलिया में,

माता महादेवी हैं नाम,

विराजी दशरमन में ॥

भक्तों तुम भी अरज लगा लो,

अपने बिगड़े काज सवारो,

बनते हर बिगड़े काज,

माई की मढुलिया में,

माता महादेवी हैं नाम,

विराजी दशरमन में ॥

माता महादेवी है नाम,

विराजी दशरमन में,

सेवा में पंडा हज़ार,

माई की मढुलिया में,

माता महादेवी हैं नाम,

विराजी दशरमन में ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।