माता दियाँ बोलियां

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

फीता फीता फीता,,, जय हो!

ओ ही लोग तर जाते,,, जय हो!

जिन्होंने, माता का दर्शन किया।

बारी बरसी, खट्टण गया सी,

खटके, लिआंदी आरी।

ओ सावन का महीना आ गया,

चलो, मंदिरों को, कर लो तैयारी।

तारे तारे तारे,,, जय हो!

आओ सारे, मिलकर,,, जय हो!

लगाओ, अंबिका के, नाम के जयकारे।

बारी बरसी, खट्टण गया सी,

खटके, लिआंदा मोती।

मन में, जगह बना ले भक्त,

शेरोंवाली के, नाम की ज्योति।

पेड़े पेड़े पेड़े,,, जय हो!

आओ सारे, करें भंगड़ा,,, जय हो!

मेला, लगा है, माता के आंगन।

बारी बरसी, खट्टण गया सी,

खटके, लिआंदे छोले।

माँ सुख बांटती, उसी को,

जो ‘जय माता दी’ बोले!

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।