माँ चन्द्रघण्टा आरती

पारंपरिक
अन्य आरती Aarti Mata Chandraghanta Aarti Aarti
॥ दोहा ॥

॥ आरती देवी चन्द्रघण्टा जी की ॥

॥ चौपाई ॥

जय माँ चन्द्रघण्टा सुख धाम।पूर्ण कीजो मेरे काम॥

चन्द्र समाज तू शीतल दाती।चन्द्र तेज किरणों में समाती॥

मन की मालक मन भाती हो।चन्द्रघण्टा तुम वर दाती हो॥

सुन्दर भाव को लाने वाली।हर संकट में बचाने वाली॥

संतो की वाणी आरती हर बुधवार को तुझे ध्याये।श्रद्धा सहित तो विनय सुनाए॥

मूर्ति चन्द्र आकार बनाए।सन्मुख घी की ज्योत जलाएं॥

शीश झुका कहे मन की बाता।पूर्ण आस करो जगत दाता॥

कांचीपुर स्थान तुम्हारा।कर्नाटिका में मान तुम्हारा॥

॥ दोहा ॥

नाम तेरा रटू महारानी।भक्त की रक्षा करो भवानी॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

माँ चन्द्रघण्टा आरती के लिरिक्स / बोल हिन्दी और अंग्रेज़ी में सुनें | Read Mata Chandraghanta Aarti Ke Lyrics Hindi Main Jane

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।