मन में तो आवे भजन बनाऊं

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मन में तो आवे भजन बनाऊं

मन में तो आवे भजन बनाऊं

भजन बना के बालासा

भजन बना के बालासा तुझको रिझाऊं

मन में तो आवे भजन बनाऊं

मन में तो आवे भजन बनाऊं ...

बुद्धि है कोरी, ज्ञान भी नहीं है

कैसे बखानू तुझे शब्द ही नहीं है

बुद्धि है कोरी, ज्ञान भी नहीं है

कैसे बखानू तुझे शब्द ही नहीं है

भावों के भंवर से बालासा-2, कैसे पार पाऊं

मन में तो आवे भजन बनाऊं

मन में तो आवे भजन बनाऊं ...

भक्त शिरोमणि राम के हो प्यारे

अष्टसिद्धि के दाता सिया के दुलारे

भक्त शिरोमणि राम के हो प्यारे

अष्टसिद्धि के दाता सिया के दुलारे

सिंदूरी चोला वाले-2, कैसे मैं रिझाऊं

मन में तो आवे भजन बनाऊं

मन में तो आवे भजन बनाऊं ...

अद्भुत रूप है अति मनभावन

तुम हो प्रभुजी मेरे, पतितो के पावन

अद्भुत रूप है अति मनभावन

तुम हो प्रभुजी मेरे, पतितो के पावन

द्वार खड़ा मै तेरे-2, मेहर तेरी पाऊं

मन में तो आवे भजन बनाऊं

मन में तो आवे भजन बनाऊं ...

मैं हूं गरीब तुम गरीब नवाज़ हो

मेरे हर सवाल का प्रभु तुम ही जवाब हो

मैं हूं गरीब तुम गरीब नवाज़ हो

मेरे हर सवाल का प्रभु तुम ही जवाब हो

तुमसे ही हस्ती मेरी-2, तुम्ही में समाऊं

मन में तो आवे भजन बनाऊं

मन में तो आवे भजन बनाऊं

भजन बना के बालासा

भजन बना के बालासा तुझको रिझाऊं

मन में तो आवे भजन बनाऊं

मन में तो आवे भजन बनाऊं

मन में तो आवे भजन बनाऊं ...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।