मैया तेरे चरणों की

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मैया तेरे चरणों की,

अम्बे तेरे चरणों की,

गर धूल जो मिल जाए,

सच कहती हूँ मैया,

तक़दीर बदल जाए,

मैया तेरे चरणो की ॥

सुनते है तेरी रहमत,

दिन रात बरसती है,

इक बूंद दया की जो,

इक बूंद दया की जो,

मुझ पे भी बरस जाए,

सच कहती हूँ मैया,

तक़दीर बदल जाए,

मैया तेरे चरणो की ॥

जीवन के भवर में माँ,

इस तरह से उलझी हूँ,

तू हाथ बढ़ा दे तो,

तू हाथ बढ़ा दे तो,

भव सागर तर जाए,

सच कहती हूँ मैया,

तक़दीर बदल जाए,

मैया तेरे चरणो की ॥

इस मानव जीवन की,

बस एक तमन्ना है,

तू सामने हो मेरे,

तू सामने हो मेरे,

बस दम ये निकल जाए,

सच कहती हूँ मैया,

तक़दीर बदल जाए,

मैया तेरे चरणो की ॥

मैया तेरे चरणों की,

अम्बे तेरे चरणों की,

गर धूल जो मिल जाए,

सच कहती हूँ मैया,

तक़दीर बदल जाए,

मैया तेरे चरणो की ॥

दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।