मैया मैं तेरी पतंग

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मैया मैं तेरी पतंग,

हवा विच उडदी जावांगी,

मैया डोर हाथों छड्डी ना,

मैं कट्टी जावांगी,

मईया मैं तेरी पतंग,

दाती मैं तेरी पतंग ॥

बड़ी मुश्किल दे नाल मिलया,

मैनु तेरा द्वारा ऐ,

मैनु तेरा द्वारा ऐ,

मैनु इको तेरा आसरा,

नाल तेरा सहारा ऐ,

नाल तेरा सहारा ऐ,

हूण तेरे ही भरोसे,

हूण तेरे ही भरोसे,

हवा विच उडदी जावांगी,

मैया डोर हाथों छड्डी ना,

मैं कट्टी जावांगी,

मईया मैं तेरी पतंग,

दाती मैं तेरी पतंग ॥

इहना चरणा कमला नालो,

मैनु दूर हटावी ना,

मैनु दूर हटावी ना,

इस झूठे जग दे अंदर,

मेरा पेचा लायी ना,

मेरा पेचा लायी ना,

जे कट गई ता दाती,

जे कट गई ता दाती,

फिर मैं लुट्टी जावांगी,

मैया डोर हाथों छड्डी ना,

मैं कट्टी जावांगी,

मईया मैं तेरी पतंग,

दाती मैं तेरी पतंग ॥

मैया मैं तेरी पतंग,

हवा विच उडदी जावांगी,

मैया डोर हाथों छड्डी ना,

मैं कट्टी जावांगी,

मईया मैं तेरी पतंग,

दाती मैं तेरी पतंग ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।