मैया के चरणों में, झुकता है संसार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Navratri Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मैया के चरणों में,

झुकता है संसार,

तीनों लोक में होती,

माँ तेरी जय जयकार ॥

सुख में तो मैया तुझसे,

दूर रहा मैं,

धन पद यश के मद में,

चूर रहा मैं,

जब दुःख ने सताया,

तो आया तेरे द्वार,

तीनों लोक में होती,

माँ तेरी जय जयकार ॥

रक्त बीज को मैया,

तुमने ही मारा,

शुम्भ निशुम्भ को मैया,

तूने ही संहारा,

निर्मल मन से करती,

माँ भक्तों पे उपकार,

तीनों लोक में होती,

माँ तेरी जय जयकार ॥

भक्ति भाव से जो भी,

शीश झुका दे,

दुनिया का वैभव माँ तू,

उसपे लुटा दे,

‘अनुज सतेंद्र’ बखाने,

तेरी महिमा अपरम्पार,

तीनों लोक में होती,

माँ तेरी जय जयकार ॥

मैया के चरणों में,

झुकता है संसार,

तीनों लोक में होती,

माँ तेरी जय जयकार ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।