मैया अम्बे मैया, लाल तेरा घबराये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मैया अम्बे मैया,

लाल तेरा घबराये हर पल तुझे बुलाये ॥

मैया अंबे मैया मैया अम्बे मैया,

लाल तेरा घबराये हर पल तुझे बुलाये,

माँ लाल तेरा घबराये रो रो तुझे बुलाये,

राह निहारे सुबह शाम,

मैया अम्बे मैया मैया अम्बे मैया ॥

बिच भवर मैं मेरी नैया,

अटकी री माँ,

गम की लहरो में भटकी री माँ,

गम की लहरो में भटकी री माँ,

सूझे नहीं रस्ता कोई,

बन के खिवैया अब तू थाम,

मैया अंबे मैया मैया अंबे मैया,

लाल तेरा घबराये हर पल तुझे बुलाये,

माँ लाल तेरा घबराये रो रो तुझे बुलाये,

राह निहारे सुबह शाम,

मैया अम्बे मैया मैया अम्बे मैया ॥

ऊँचा द्वारा तेरा ऊँची,

शान है माँ,

रखती बच्चो का सदा,

ध्यान तू माँ,

तुझसा नहीं जग में कोई,

संकट हरणी माँ है तेरा नाम,

मैया अंबे मैया मैया अंबे मैया,

लाल तेरा घबराये हर पल तुझे बुलाये,

माँ लाल तेरा घबराये रो रो तुझे बुलाये,

राह निहारे सुबह शाम,

मैया अंबे मैया मैया अम्बे मैया ॥

विनती सुनलो आया ‘लख्खा’,

दर पे तेरे,

दूर करो मैया जी,

सब दुखड़े मेरे,

किस्मत ‘सरल’ जाये बदल,

सालों साल में आऊं तेरे धाम,

मैया अंबे मैया मैया अम्बे मैया,

लाल तेरा घबराये हर पल तुझे बुलाये,

माँ लाल तेरा घबराये रो रो तुझे बुलाये,

राह निहारे सुबह शाम,

मैया अंबे मैया मैया अम्बे मैया ॥

मैया अंबे मैया मैया अम्बे मैया,

लाल तेरा घबराये हर पल तुझे बुलाये,

माँ लाल तेरा घबराये रो रो तुझे बुलाये,

राह निहारे सुबह शाम,

मैया अंबे मैया मैया अम्बे मैया ॥

दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।