मैया आवेगी मैया आवेगी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मैया आवेगी मैया आवेगी,

सांचे मन से याद करोगा,

रुक ना पावेगी,

मईया आवेगी मईया आवेगी ॥

बुलावे टाबरिया,

या दौड़ी आवे है,

आंसुड़ा भक्ता का,

देख ना पावे है,

आके म्हारे सर पे या तो,

हाथ फिरावेगी,

सांचे मन से याद करोगा,

रुक ना पावेगी,

मईया आवेगी मईया आवेगी ॥

माँ की ममता को तो,

कोई भी मोल नहीं,

भेद ना भाव करे,

माँ सो कोई और नहीं,

मोह माया से आके म्हाने,

मैया बचावेगी,

सांचे मन से याद करोगा,

रुक ना पावेगी,

मईया आवेगी मईया आवेगी ॥

आंच ना आवेगी,

लाज ना जावेगी,

भरोसो कर ले तू,

या साथ निभावेगी,

‘सूरज’ कवे सुनी बगिया में,

फूल खिलावेगी,

सांचे मन से याद करोगा,

रुक ना पावेगी,

मईया आवेगी मईया आवेगी ॥

मईया आवेगी मईया आवेगी,

सांचे मन से याद करोगा,

रुक ना पावेगी,

मईया आवेगी मईया आवेगी ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।