मैं सेवक तू मालिक, श्याम हमारा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Vishnu Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हम दोनों का रिश्ता,

कितना प्यारा है,

मैं सेवक तू मालिक,

श्याम हमारा है ॥

मेरे इस जीवन में ऐसा,

असर है तेरे प्यार का,

तेरी सेवा में ही मुझको,

सुख मिलता संसार का,

मैं कश्ती तू मेरा,

खेवनहारा है,

मै सेवक तू मालिक,

श्याम हमारा है ॥

जाने कौन से पुन्य का फल,

ये मिला तेरा दरबार है,

मिलती है जो तुझसे तनखा,

पले मेरा परिवार है,

मुझे सांवरे बस,

तेरा ही सहारा है,

मै सेवक तू मालिक,

श्याम हमारा है ॥

जब भी आई मुश्किल तूने,

साथ दिया है सांवरे,

कोई नहीं कर सकता जितना,

तूने किया है सांवरे,

रोम रोम पे कर्ज ये,

श्याम तुम्हारा है,

मै सेवक तू मालिक,

श्याम हमारा है ॥

जब तक ना देखे तुझे ‘संजय’,

चैन ना ‘कुंदन’ आता है,

तेरा मेरा खाटू वाले,

जुड़ गया ऐसा नाता है,

बिन तेरे एक पल ना,

मुझे गवारा है,

मै सेवक तू मालिक,

श्याम हमारा है ॥

हम दोनों का रिश्ता,

कितना प्यारा है,

मैं सेवक तू मालिक,

॥ दोहा ॥

श्याम हमारा है ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।