मैं सहारे तेरे, श्याम प्यारे मेरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मैं सहारे तेरे,

श्याम प्यारे मेरे,

मेरी चिंता मिटा दे तू,

है जहाँ तेरा दर,

एक छोटा सा घर,

वही मेरा बना दे तू,

मै सहारे तेरे,

श्याम प्यारे मेरे ॥

तू सहारा है हारे का बाबा,

देख सब कुछ मैं हारा हुआ हूँ,

मेरे जख्मों पे मरहम लगा दे,

मैं मुकद्दरका मारा हुआ हूँ,

मेरा बैरी जहान और जाऊं कहाँ,

श्याम इतना बता दे तू,

मै सहारे तेरे,

श्याम प्यारे मेरे ॥

शीश चौखट पे तेरी रखा है,

दे दे आशीष ओ शीश दानी,

मेरे आंसू बयाँ कर रहे है,

मेरे हर एक गम की कहानी,

सबको बांटे ख़ुशी,

मेरे होंठो को भी,

मुस्कुराना सिखा दे तू,

मै सहारे तेरे,

श्याम प्यारे मेरे ॥

थाम लेगा तू हाथ मेरा,

जीत जाऊंगा मैं खाटू वाले,

अब तो मेरे भरोसे की नैया,

है मेरे श्याम तेरे हवाले,

दे गए सब दगा,

देर अब ना लगा,

कुछ करिश्मा दिखा दे तू,

मै सहारे तेरे,

श्याम प्यारे मेरे ॥

मैं सहारे तेरे,

श्याम प्यारे मेरे,

मेरी चिंता मिटा दे तू,

है जहाँ तेरा दर,

एक छोटा सा घर,

वही मेरा बना दे तू,

मै सहारे तेरे,

॥ दोहा ॥

श्याम प्यारे मेरे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।