मै हूँ बेटी तू है माता

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

नवदुर्गा, दुर्गा पूजा, नवरात्रि, नवरात्रे, नवरात्रि, माता की चौकी, देवी जागरण, जगराता, शुक्रवार दुर्गा तथा अष्टमी के शुभ अवसर पर गाये जाने वाला प्रसिद्ध व लोकप्रिय भजन। यह भजन प्रारंभिक दौर मे गायिका अनुराधा पौडवाल द्वारा गाया गया है।

मै हूँ बेटी तू है माता,

ये है जनम-जनम का नाता ।

मै हूँ बेटी तू है माता,

ये है जनम-जनम का नाता ।

माता रानियें तुझे मैं बुलाने आई हूँ,

मैं बातें कुछ सुनने सुनाने आई हूँ ।

मै हूँ बेटी तू है माता,

ये है जनम-जनम का नाता ।

बच्चो से माँ रोज़ रोज़ रूठा न करो,

मेरे विश्वास को माँ झूठा न करो ।

छोडो गुस्से गीले सब,

माँ लगा लो गले अब ।

तेरी ममता की डोर को हिलाने आई हूँ,

मैं बातें कुछ सुनने सुनाने आई हूँ ।

मै हूँ बेटी तू है माता,

ये है जनम-जनम का नाता ।

आस्था का और न इम्तिहान लो,

निर्दोष विनय मेरी अब मान लो ।

पूरी कर भी दो आस,

माँ बिठा लो अपने पास ।

सच्ची श्रद्धा का भोग मैं लगाने आई हूँ,

मैं बातें कुछ सुनने सुनाने आई हूँ ।

मै हूँ बेटी तू है माता,

ये है जनम-जनम का नाता ।

मूर्ति में होती न अगर आत्मा,

धरना भक्त कैसे पता परमात्मा ।

नहीं मूक तू पाशा तेरी पिंडी में है प्राण,

सारी दुनिया को ये दिखलाने आई हूँ ।

मैं बातें कुछ सुनने सुनाने आई हूँ ।

मै हूँ बेटी तू है माता,

ये है जनम-जनम का नाता ।

अम्बे रानियें मैं तुझको बुलाने आई हूँ

मैं बातें कुछ सुनने सुनाने आई हूँ ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।