मैं हर पल गाता जाऊं, ओम नम शिवाय

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

ओम नम शिवाय,

ओम नम शिवाय,

मैं हर पल गाता जाऊं,

तेरी भक्ति में खो जाऊं,

सुबह शाम मैं नाम को तेरे,

भोले ध्याता जाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं ॥

तेरे जैसा कोई नहीं है,

इस जग में हितकारी,

तेरी महिमा सबसे प्यारी,

गाए दुनिया सारी,

मैं नादान हूं दास तुम्हारा,

क्या महिमा मैं गाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं ॥

देवों के तुम देव प्रभू जी,

तुम्हीं हो त्रिपुरारी,

करें आरती तेरी निशदिन,

हे भोले भंडारी,

दो वरदान प्रभू,

इस ‘शिव’ को,

गुण मैं तेरे गाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं ॥

ओम नम शिवाय,

ओम नम शिवाय,

मैं हर पल गाता जाऊं,

तेरी भक्ति में खो जाऊं,

सुबह शाम मैं नाम को तेरे,

भोले ध्याता जाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं,

॥ दोहा ॥

तेरी भक्ति मे खो जाऊं ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।