महिमा तेरी अमित है, जाने सकल जहान।
कलयुग के अवतारी तुम, जय हो कृपा निधान॥
महिमा तुम्हारी गाते हैं संसार के लोग, खाटू वाले श्याम प्रभु मिटाओ सब रोग।
महिमा तुम्हारी गाते हैं संसार के लोग॥
जिस घर में जलती है तेरी पावन अखंड जोत।
उस घर में कभी ना होवे अमंगल और खोट॥
सुख शांति का वास होवे मिटे सकल सोग।
महिमा तुम्हारी गाते हैं संसार के लोग॥
शीश दान देकर तुमने पाया ये सम्मान।
कृष्ण रूप में पूजे तुमको सारा हिंदुस्तान॥
जो भी तेरे नाम का करता है उपभोग।
महिमा तुम्हारी गाते हैं संसार के लोग॥
संजय मित्तल शीश झुकाए खाटू के दरबार।
सदा बना रहे प्यारे हम पर तेरा प्यार॥
महिमा तुम्हारी गाते हैं संसार के लोग, खाटू वाले श्याम प्रभु मिटाओ सब रोग॥
अमृत रस बरसे सदा, खाटू धाम अनूप।
संजय मित्तल गावती, जय जय श्याम स्वरूप॥