महिमा कही ना जाए, बाबा श्याम की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

महिमा कही ना जाए,

बाबा श्याम की,

याद घनेरी आए,

खाटू धाम की,

ओ बाबा श्याम की,

खाटू धाम की,

मेरे घनश्याम की,

महिमा कही ना जावे,

बाबा श्याम की,

याद घनेरी आए,

खाटू धाम की ॥

श्याम को है दरबार निरालो,

खाली झोली भरने वालो,

जो चाहे सो लेकर जावे,

जो चाहे सो लेकर जावे,

जो भी गलियां आवे,

खाटू धाम की,

महिमा कही ना जावे,

बाबा श्याम की,

याद घनेरी आए,

खाटू धाम की ॥

भक्तां का दुःख देख ना पावे,

बाबो लीले चढ़कर आवे,

पल माहि संकट कट जावे,

पल माहि संकट कट जावे,

जो भी टेर लगावे,

बाबा श्याम की,

महिमा कही ना जावे,

बाबा श्याम की,

याद घनेरी आए,

खाटू धाम की ॥

तेरी चिंता श्याम करेगो,

अटकी नैया पार करेगो,

श्याम तेरो भंडार भरेगो,

श्याम तेरो भंडार भरेगो,

क्यों ना टिकट कटावे,

खाटू धाम की,

महिमा कही ना जावे,

बाबा श्याम की,

याद घनेरी आए,

खाटू धाम की ॥

सांचे मन स्यु श्याम सुमर ले,

श्याम धणी से हेत तू कर ले,

‘बिन्नू’ ऐसी करनी कर ले,

‘बिन्नू’ ऐसी करनी कर ले,

ज्योत में ज्योत समावे,

बाबा श्याम की,

महिमा कही ना जावे,

बाबा श्याम की,

याद घनेरी आए,

खाटू धाम की ॥

महिमा कही ना जाए,

बाबा श्याम की,

याद घनेरी आए,

खाटू धाम की,

ओ बाबा श्याम की,

खाटू धाम की,

मेरे घनश्याम की,

महिमा कही ना जावे,

बाबा श्याम की,

याद घनेरी आए,

॥ दोहा ॥

खाटू धाम की ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।