महालक्ष्मी जाप करो

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Diwali Pujan Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

नमस्तेस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते

शंख चक्र गदाहस्ते महालक्ष्मी नमोस्तुते

नमस्ते गरूडारूढे कोलासुर भयंकरि

सर्व पाप हरे देवी महालक्ष्मी नमोस्तुते

जग मग जग मग दीप प्रज्ज्वलित

चहुँ ओर है व्याप्त प्रकाश

मंत्रोच्चार से गूँज रहे हैं

खण्ड खण्ड पृथ्वी आकाश

उत्सव है दीपावली

महालक्ष्मी का प्रवास

हारिये ना हिम्मत बिसारिये ना राम

महालक्ष्मी जाप करो सुबह शाम - आठों याम

अष्ट लक्ष्मी जाप करो सुबह शाम - आठों याम

कमल पुष्प पर शोभती अष्टलक्ष्मी माँ

आदि लक्ष्मी, धन लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी माँ

गज लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी, धैर्या लक्ष्मी माँ

विजया लक्ष्मी, विद्या लक्ष्मी अष्ट रुपिणी प्रणाम

भण्डारे भरपूर पुण्य के, भली करेंगे राम

महालक्ष्मी जाप करो सुबह शाम आठों याम

अष्ट लक्ष्मी जाप करो सुबह शाम आठों याम

रिद्धि सिद्धि की स्वामिनी कष्ट निवारिणी माँ

पापाम मुक्ति दायिनी जग उद्धारिणी माँ

सुख शान्ति शुभ लाभ की देवी

करुणा प्रवाहिनी माँ

धूपम दीपम समर्प्यामी, ज्योतिर्मय हर धाम

महालक्ष्मी जाप करो सुबह शाम आठों याम

अष्ट लक्ष्मी जाप करो सुबह शाम आठों याम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।