महाकाल से नाता है

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

उनके सिवा अब इस दिल को,

कोई और नहीं भाता है

उनके सिवा अब इस दिल को,

कोई और नहीं भाता है

महाकाल से नाता है,

मेरा महाकाल से नाता है

महाकाल से नाता है,

मेरा महाकाल से नाता है

महादेव से नाता है,

मेरा महादेव से नाता है

ना चाहत सोने चांदी की,

ना चाहत हीरे मोती सी

ज्यादा कुछ नहीं मांगू भोले,

दे-दे कुटिया छोटीसी

ना चाहत सोने चांदी की,

ना चाहत हीरे मोती सी

ज्यादा कुछ नहीं मांगू भोले,

दे-दे कुटिया छोटीसी

बोलके क्या मैं मांगू हो हो

जब बिन बोले मिल जाता है

महाकाल से नाता है,

मेरा महाकाल से नाता है

महाकाल से नाता है,

मेरा महाकाल से नाता है

महादेव से नाता है,

मेरा महादेव से नाता है

बंगला भी दिया गाड़ी भी दी

और देदिया कारोबार

कृपा सब पर करते हैं मेरे महाकाल सरकार

कृपा सब पर करते हैं मेरे महादेव सरकार

किस्मत से क्या मांगू मैं,

किस्मत को वही बनता है

किस्मत से क्या मांगू मैं,

किस्मत को वही बनता है

महाकाल से नाता है,

मेरा महाकाल से नाता है

महाकाल से नाता है,

मेरा महाकाल से नाता है

महादेव से नाता है,

मेरा महादेव से नाता है

तेरी कृपा खूब अपार है

और खुशियों की भरमार है

करदे कृपा तगड़ी बाबा

सब की यही पुकार है

अब महाकाल ही पिता है मेरे, हो हो. .

अब महाकाल ही पिता है मेरे

महाकाल ही माता है

[संतो की वाणी लिरिक्स]

महाकाल से नाता है,

मेरा महाकाल से नाता है

महाकाल से नाता है,

मेरा महाकाल से नाता है

महादेव से नाता है,

मेरा महादेव से नाता है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।