महाकाल की लगन: शिव भजन

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मोहे लागी रे लगन महाकाल की लगन,

तुम्हारे नाम से किस्मत मेरी सजा लू मैं,

तुम्हारे चरणों को ही अपना घर बना लू मैं,

मुझे कर गई मगन,

महाकाल की लगन ॥

मेरी लगन सहारा बन मुझे संभालेगी ,

मेरी बलाए मेरे दुख लगन ही टालेगी ,

मेरी लगन मेरी भक्ति का ये सिला देगी,

मेरे महाकाल से मुझको भी ये मिला देगी ,

दे गई दीवानापन,

महाकाल की लगन,

मोहे लागी रे लगन ॥

आता हूं दर तेरे पल भर के लिए ,

थोड़ा अपने लिए थोड़ा घर के लिए ,

अपनी किस्मत पर तेरी नजर के लिए ,

सामने तेरे दुनिया को भूल जाऊ में,

तेरा हो जाता हु उम्र भर के लिए ,

बदल गया ये जीवन,

महाकाल की लगन,

मोहे लागी रे लगन ॥

SantoKiVani Lyrics

मैं धूल बनके तेरी राह में बिखर जाऊं ,

मैं फूल बनके तेरी राह में बिखर जाऊं,

रहू मैं पास तेरे भक्ति ऐसी कर जाऊं,

तेरे चरणों से लगके भोले मैं भी तर जाऊं,

भक्तिमय करे है मन,

महाकाल की लगन,

॥ दोहा ॥

मोहे लागी रे लगन ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।