देवी महागौरी आरती

पारंपरिक
महादेव आरती Aarti Devi Mahagauri Aarti Aarti
॥ दोहा ॥

॥ आरती देवी महागौरी जी की ॥

॥ चौपाई ॥

जय महागौरी जगत की माया।जय उमा भवानी जय महामाया॥

हरिद्वार कनखल के पासा।महागौरी तेरा वहा निवास॥

चन्द्रकली और ममता अम्बे।जय शक्ति जय जय माँ जगदम्बे॥

भीमा देवी विमला माता।कौशिक देवी जग विख्यता॥

हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा।महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा॥

सती (सत) हवन कुंड में था जलाया।उसी धुएं ने रूप काली बनाया॥

संतो की वाणी आरती बना धर्म सिंह जो सवारी में आया।तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया॥

तभी माँ ने महागौरी नाम पाया।शरण आनेवाले का संकट मिटाया॥

शनिवार को तेरी पूजा जो करता।माँ बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता॥

॥ दोहा ॥

भक्त बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो।महागौरी माँ तेरी हरदम ही जय हो॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

देवी महागौरी आरती के लिरिक्स / बोल हिन्दी और अंग्रेज़ी में | Read Devi Mahagauri Aarti Ke Lyrics Hindi Main Jane

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।