मात अंग चोला साजे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ

मात अंग चोला साजे,

हर रंग चोला साजे

मात की महिमा देखो,

ज्योत दिन रैना जागे

तू ओढे लाल चुनरिया,

गहनो से करे श्रृंगार

शेरो पर करे सवारी,

तू शक्ति का अवतार

तेरे तेज बहरे दो नैना,

तेरे अधरों पर मुस्कान

तेरे द्वारे शीश झुकाये,

क्या निर्धन क्या बलवान

तेरे ही नाम का मात,

जगत में डंका बाजे

मात अंग चोला साजे...

ऊँचा है मंदिर तेरा,

ऊँचा तेरा अस्थान

दानी क्या कोई दूजा,

माँ होगा तेरे सामान

जो आए श्रद्धा लेके,

वो ले जाए वरदान

हे माता तू भगतो के,

सुख दुःख का रखे ज्ञान

तेरे चरणो में आके,

भाग्य कैसे ना जागे

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।