माँ तैनूं मिलने लाई

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

माँ तैनूं मिलने लाई दूरों चल आया हाँ,

निकी-निकी कंजकां लाई चूड़ियां लै आया हाँ।

नाले तिन पिंडियां दा शिंगार

शेरां वाली नूं चढ़ाउन लाई,

लाल चुन्नी वी मैं लै के आया,

नाल शेरां वाली नूं चढ़ाउन लाई।

हर शै लै आया जो वी माँ नूं पसंद ऐ,

माँ दी पसंद विच मेरी वी पसंद ऐ।

माँ तों बगैर मेरा जी नहीं लगदा,

माँ दे दीदार च आनंद ही आनंद ऐ।

माँ नूं देख होवे हाल खुशहाल,

माँ नूं देख होवे हाल खुशहाल।

आया मैं वी सुख पाउन लाई,

लाल चुन्नी वी मैं लै के आया,

नाल जोता वाली नूं चढ़ाउन लाई।

संतो की वाणी लिरिक्स

बागां विचों तोड़ फूल हार लै आया हाँ,

हार विच माए गुंद प्यार लै आया हाँ।

बोलदा जयकारे आया मइया तेरे नाम दे,

दातिए मैं इन्ना सत्कार लै आया हाँ।

तेरा मिश्री तों मिठ्ठा मइया नाँ,

मैं आया जग्ग नूं सुनाउन लाई।

लाल चुन्नी वी मैं लै के आया,

नाल मेहरांवाली नूं चढ़ाउन लाई।

अखियां च अथरूर ते बुल्लां ते कहाणियां,

माए तैनूं दिल दियां गल्लां मैं सुनाउनियां।

मल्लां दुआरां ते तेरा आ के शेरां वालिए,

तेरे नाम दियां भेंटां कमल ने गाउनियां।

मैनूं भोली माँ ने देना है दीदार,

मैनूं भोली माँ ने देना है दीदार।

आउणा रोंदे नूं हसाउन लाई,

लाल चुन्नी वी मैं लै के आया,

नाल शेरां वाली नूं चढ़ाउन लाई।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।