माँ शारदे! हम तो हैं बालक तेरे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

माँ शारदे, माँ शारदे,

माँ शारदे, माँ शारदे,

ओ मैया हम तो हैं बालक तेरे माँ,

॥माँ शारदे माँ शारदे...॥

तू है दयालु बड़ी,

माँ वीणा पाणी,

करती दया हो सब पे,

अम्बे भवानी,

हो मैया विद्या का आके,

हमको भी भण्डार दे,

॥माँ शारदे, माँ शारदे...॥

करदो हमारी आज,

माँ पूरी आशा,

कब से है ‘शर्मा’ तेरे,

दर्शन का प्यासा,

ओ मैया दर्शन हमे भी,

आ के माँ एक बार दे,

॥माँ शारदे, माँ शारदे...॥

मांगे न ‘लक्खा’ तुमसे,

दौलत खजाना,

सात स्वरों का मुझको,

अमृत पिलाना,

ओ मैया मेरी ही माता के जैसा,

बस प्यार दे,

॥माँ शारदे, माँ शारदे...॥

माँ शारदे माँ शारदे,

मा शारदे माँ शारदे,

ओ मैया हम तो हैं बालक तेरे माँ,

॥ दोहा ॥

॥माँ शारदे, माँ शारदे...॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।