माँ गौरा का लाल बड़ा प्यारा

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shri Ganesh Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

माँ गौरा का लाल बड़ा प्यारा

माँ, गौरा का, लाल बड़ा प्यारा,

जो, हरता है, संकट हमारा ॥

जो, हरता है, संकट हमारा ॥

माँ, गौरा का, लाल बड़ा...

संतो की वाणी लिरिक्स

इनको, पान चढ़े, और फूल चढ़े ।

भक्त, करते हैं, इनके दर्शन बड़े ॥

इनको, लड्डुअन का, भोग लगे प्यारा,

जो, हरता है, संकट हमारा ।

माँ, गौरा का, लाल बड़ा...

यह, अंधन को, आँख है देते ।

और, कोढ़न को, काया भी देते ॥

बांझन को, पुत्र का, सहारा,

जो, हरता है, संकट हमारा ।

माँ, गौरा का, लाल बड़ा...

रिधि, सिद्धि के, हो बड़े प्यारे ।

शिव, गौरा के, आँखों के तारे ॥

दीन, दुखियों को, तेरा सहारा,

जो, हरता है, संकट हमारा ।

माँ, गौरा का, लाल बड़ा...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।