माँ गौरी के लाल गजानन

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

माँ गौरी के लाल गजानन,

आज आओ पधारो मेरे आँगन,

गौरी शंकर के लाल गजानन ॥

वीर गणपत उमापुत्र प्यारे,

सारी श्रष्टि है तेरे सहारे,

सारी श्रष्टि है तेरे सहारे,

मंगल मूर्ति है मूषक वाहन,

आज आओ पधारो मेरे आँगन,

मां गौरी के लाल गजानन,

आज आओ पधारो मेरे आँगन,

गौरी शंकर के लाल गजानन ॥

मंगल करता सिद्धिदाता विनायक,

बुद्धि प्रियवक्रतुंड मुक्तिदायक,

बुद्धि प्रियवक्रतुंड मुक्तिदायक,

भक्त नाचे बजाते है बाजन,

आज आओ पधारो मेरे आँगन,

मां गौरी के लाल गजानन,

आज आओ पधारो मेरे आँगन,

गौरी शंकर के लाल गजानन ॥

विघ्नहर्ता प्रभु विघ्नेश जी,

कष्ट काटों मेरे श्री गणेश जी,

कष्ट काटों मेरे श्री गणेश जी,

लिखते देवेन्द्र अमित मांगे मांगन,

आज आओ पधारो मेरे आँगन,

मां गौरी के लाल गजानन,

आज आओ पधारो मेरे आँगन,

गौरी शंकर के लाल गजानन ॥

माँ गौरी के लाल गजानन,

आज आओ पधारो मेरे आँगन,

॥ दोहा ॥

गौरी शंकर के लाल गजानन ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: माँ गौरी के लाल गजानन | Bhajan: Maa Gauri Ke Lal Gajanan Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।