छोटी-छोटी कन्याएं

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

देखी तेरे दरबार माँ,

छोटी-छोटी कन्याएं ।

लीला करें अपार माँ,

छोटी-छोटी कन्याएं ॥

हल वो सवाल करें,

सबको निहाल करें ।

बांटे रे सच्चा प्यार माँ,

छोटी छोटी कन्याएं ॥

देखी तेरे दरबार माँ,

छोटी-छोटी कन्याएं ।

लीला करें अपार माँ,

छोटी-छोटी कन्याएं ॥

मुख मंडल का तेज न्यारा,

कहते हैं वो रूप तुम्हारा ।

प्यारी प्यारी भोली भाली,

बातें करती बहुत निराली ।

बड़ी दयावान है वो,

देती वरदान है वो ।

बेड़े लगाती पार माँ,

छोटी-छोटी कन्याएं ॥

देखी तेरे दरबार माँ,

छोटी-छोटी कंजकाऐं ।

लीला करें अपार माँ,

छोटी-छोटी कंजकाऐं ॥

जो जन उनका करें अनादर,

दुख से भटके वो तो दर दर ।

चरण छुएगें जो भी मन से,

सुखी रहेंगे सुख के धन से ।

मीठी मीठी बातों से,

प्यारी करामातों से ।

देती है कार्य संवार माँ,

छोटी-छोटी कन्याएं ॥

देखी तेरे दरबार माँ,

छोटी-छोटी कन्याएं ।

लीला करें अपार माँ,

छोटी-छोटी कन्याएं ॥

हस के वह थपकी जिसको देती,

सारे संकट हर वो लेती ।

तेरी तरह ही से महामाया,

कोई ना जाने उनकी माया ।

नाम के दीवानों के,

जोगी मस्तानो के ।

सपने करें साकार माँ,

छोटी-छोटी कन्याएं ॥

देखी तेरे दरबार माँ,

छोटी-छोटी कन्याएं ।

लीला करें अपार माँ,

छोटी-छोटी कन्याएं ॥

देखी तेरे दरबार माँ,

छोटी-छोटी कन्याएं ।

लीला करें अपार माँ,

॥ दोहा ॥

छोटी-छोटी कन्याएं ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।