॥ पावन पाठ ॥
नवदुर्गा, दुर्गा पूजा, नवरात्रि, नवरात्रे, नवरात्रि, माता की चौकी, देवी जागरण, जगराता, शुक्रवार दुर्गा तथा अष्टमी के शुभ अवसर पर गाये जाने वाला प्रसिद्ध व लोकप्रिय भजन।
माँ भवानी तारणी,
हे धराणी तार दे
हे प्रसूता जगत की,
गत मेरी उद्धार दे
माँ भवानी तारणी,
हे धराणी तार दे
ब्रह्मरूपा वेदरूपा
काल की तू स्वामिनी
तीन लोकों की है रानी
रूद्र की तू भामिनी
कामना को पंख दे,
कामिनी आकार दे
माँ भवानी तारणी,
हे धराणी तार दे
तू ही काली तू रमा है
शारदा का सार है
शिवस्वरूपा और हरि है
आत्मभू करतार है
साँस के गीतों को माँ,
रागिनी विस्तार दे
माँ भवानी तारणी,
हे धराणी तार दे
तेरी बगिया सारी दुनिया
मैं भी इसका फूल हूँ
तेरे दम से चल रहा
तेरे पग की धूल हूँ
सत्य चित आनंद दे,
भव के भय से पार दे
माँ भवानी तारणी,
हे धराणी तार दे