लोरी सुनाए गौरा मैया

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

लोरी सुनाए गौरा मैया,

झूला झूले गजानंद,

रिमझिम रिमझिम बरसे बदरिया,

रिमझिम रिमझिम बरसे बदरिया,

झूला झूले गजानंद,

लोरी सुनाए गोरा मैया,

झूला झूले गजानंद ॥

शिव शंकर का डमरू बाजे,

नारद नाचे नंदी नाचे,

ठंडी ठंडी चले पुरवैया,

ठंडी ठंडी चले पुरवैया,

झूला झूले गजानंद,

लोरी सुनाए गोरा मैया,

झूला झूले गजानंद ॥

कोई पीताम्बर पहनाए,

आँखों में कोई कजरा लगाए,

लागे ना देवा तुमको नजरिया,

लागे ना देवा तुमको नजरिया,

झूला झूले गजानंद,

लोरी सुनाए गोरा मैया,

झूला झूले गजानंद ॥

मंगल गीत यहाँ देवियां गाए,

सुर नर मुनि सब पर्व मनाए,

खुश है निरंजन सारी दुनिया,

खुश है निरंजन सारी दुनिया,

झूला झूले गजानंद,

लोरी सुनाए गोरा मैया,

झूला झूले गजानंद ॥

लोरी सुनाए गौरा मैया,

झूला झूले गजानंद,

रिमझिम रिमझिम बरसे बदरिया,

रिमझिम रिमझिम बरसे बदरिया,

झूला झूले गजानंद,

लोरी सुनाए गोरा मैया,

॥ दोहा ॥

झूला झूले गजानंद ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: लोरी सुनाए गौरा मैया | Bhajan: Lori Sunaye Gaura Maiya Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।