नीला घोड़ा सोहणा, बाजे घुंघरू पाँव।
चढ़ के आवे सांवरो, पावन कीनो गाँव॥
लीले पे चढ़के आ जा सांवरिया, लीले पे चढ़के आ जा।
भक्त पुकार रहे हैं तुझको, जल्दी से तू आ जा॥
लीले पे चढ़के आ जा सांवरिया॥
मोरमुकुट सिर पर सोहे, कानों में कुंडल चमके।
तेरी सुंदर छवि देखकर, सारा संसार ये दमके॥
हाथ में मोरछड़ी लहराते, मंद मंद मुस्काते॥
लीले पे चढ़के आ जा सांवरिया॥
कीर्तन में तेरी जोत जलाई, छप्पन भोग सजाए।
तेरे स्वागत में सांवरिया, पलक पाँवड़े बिछाए॥
आकर भोग लगाओ बाबा, दर्शन देकर हर्षाओ॥
लीले पे चढ़के आ जा सांवरिया॥
संजय मित्तल गाए तराने, तेरे ही गुणगान के।
तेरे सिवा कोई और ना भावे, खाटू के भगवान के॥
लीले पे चढ़के आ जा सांवरिया, लीले पे चढ़के आ जा॥
नीले घोड़े का असवार, संकट काटे सारे।
संजय मित्तल शरण में, जय जय श्याम उचारे॥