ले ले मैया का नाम, जपले मैया का नाम

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Mata Rani Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

ना ये तेरा ना ये मेरा,

काहे करे अभिमान,

तेरा मेरा करते करते,

छुट जायेंगे प्राण,

ले ले मैया का नाम,

जपले मैया का नाम,

बोलो अंबे जगदंबे,

बोलो अंबे जगदंबे ॥

खेलकुद में बित गया बचपन,

ढल रही तेरी जवानी,

वक्त है अब भी जाग रे बंदे,

मत कर तु मनमानी,

जपले मैय्या का नाम रे बंदे,

मत कर तु अभिमान,

ले ले मैय्या का नाम,

जपले मैय्या का नाम,

बोलो अंबे जगदंबे,

बोलो अंबे जगदंबे ॥

करले अच्छे कर्म रे बंदे,

जो संग तेरे आये,

मोह माया मे काहे उलझे,

ये ना संग मे आये,

क्या जाने कब हो जाये,

इस जिवन की शाम,

ले ले मैय्या का नाम,

जपले मैय्या का नाम,

बोलो अंबे जगदंबे,

बोलो अंबे जगदंबे ॥

माँ का नाम है सबसे प्यारा,

शाम सवेरे लेना,

माँ के नाम को जपके अपना,

जिवन सफल बनाना,

‘शर्मा’ के तो माँ ही बनाये,

सारे बिगडे काम,

भक्तो के भी माँ ही बनाये,

सारे बिगडे काम,

ले ले मैय्या का नाम,

जपले मैय्या का नाम,

बोलो अंबे जगदंबे,

बोलो अंबे जगदंबे ॥

ना ये तेरा ना ये मेरा,

काहे करे अभिमान,

तेरा मेरा करते करते,

छुट जायेंगे प्राण,

ले ले मैया का नाम,

जपले मैया का नाम,

बोलो अंबे जगदंबे,

बोलो अंबे जगदंबे ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।