ले दादी को नाम, काम तेरो बण जासी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

ले दादी को नाम,

काम तेरो बण जासी,

दादी ने सूमर के चाल,

तेरे आड़ी आसी ॥

दादी ने सूमर के जावे,

बीके कदे ना रोडो आवे,

बीके काम सलटता जावे,

सगला रस्ता खुल जावे,

बात सब बन जासी,

दादी ने सूमर के चाल,

तेरे आड़ी आसी ॥

चाहे सांझ हो चाहे सवेरा,

चाहे रात का घोर अंधेरा,

गर मात चरण में डेरा,

फिर जहाँ कहाँ हो बसेरा,

फिकर सब हट जासी,

दादी ने सूमर के चाल,

तेरे आड़ी आसी ॥

ले दादी को नाम,

काम तेरो बण जासी,

दादी ने सूमर के चाल,

तेरे आड़ी आसी ॥

दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।