लंका में जइयो हनुमान ऐसे कह देना

संत सूरदास
श्री राम भजन Bhajan Bajrangbali Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

लंका में जईयो हनुमान, ऐसे कह देना

तूने सूनी सिया चुराई है,

तोहे लाज शर्म नहीं आई है,

राजा से बना फकीर, ऐसे कह देना... ॥

लंका में जईयो हनुमान, ऐसे कह देना... ॥

वो राम लखन दो भाई है,

लंका पे करें चढ़ाई है,

वहाँ चलें बाण पे बाण, ऐसे कह देना... ॥

लंका में जईयो हनुमान, ऐसे कह देना... ॥

तेरा मेघनाथ सा बेटा है,

तेरा कुंभकरण सा भाई है,

वहाँ चलें तीर पे तीर, ऐसे कह देना... ॥

लंका में जईयो हनुमान, ऐसे कह देना... ॥

तेरी सूर्पन्खा सी बहना है,

तपसी से नैन लड़ाए है,

लक्ष्मण ने काटी नाक, ऐसे कह देना... ॥

लंका में जईयो हनुमान, ऐसे कह देना... ॥

तेरे एक सौ आठ रानी है,

मंदोदरी उनमें पटरानी है,

तूने हाथों से मौत बुलाई है,

तेरो जइयो सत्यानाश, ऐसे कह देना... ॥

॥ दोहा ॥

लंका में जईयो हनुमान, ऐसे कह देना... ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।