श्री ललिता माता की आरती

पारंपरिक
महादेव आरती Aarti Shri Lalita Mata Ki Aarti Aarti
॥ पावन पाठ ॥

श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी ।

राजेश्वरी जय नमो नमः ॥

करुणामयी सकल अघ हारिणी ।

अमृत वर्षिणी नमो नमः ॥

जय शरणं वरणं नमो नमः ।

श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी ॥

अशुभ विनाशिनी, सब सुख दायिनी ।

खल-दल नाशिनी नमो नमः ॥

भण्डासुर वधकारिणी जय माँ ।

करुणा कलिते नमो नम: ॥

जय शरणं वरणं नमो नमः ।

श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी ॥

भव भय हारिणी, कष्ट निवारिणी ।

शरण गति दो नमो नमः ॥

शिव भामिनी साधक मन हारिणी ।

आदि शक्ति जय नमो नमः ॥

जय शरणं वरणं नमो नमः ।

जय त्रिपुर सुन्दरी नमो नमः ॥

श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी ।

॥ दोहा ॥

राजेश्वरी जय नमो नमः ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

श्री ललिता माता की आरती | Shri Lalita Mata Ki Aarti

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।