भजन: लाड़ली अद्भुत नजारा, तेरे बरसाने में है (Ladli Adbhut Nazara, Tere Barsane Me Hai)

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Radhashtami Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तेरे बरसाने में है,

बेसहारों को सहारा,

तेरे बरसाने में है।

लाडली अद्भुत नजारा,

तेरे बरसाने में है ॥

झांकीया तेरे महल की,

कर रहे सब देवगण,

आ गया बैकुंठ सारा,

तेरे बरसाने में है,

आ गया बैकुंठ सारा,

तेरे बरसाने में है ॥

बेसहारों को सहारा,

तेरे बरसाने में है।

लाडली अद्भुत नजारा,

तेरे बरसाने में है ॥

हर लता हर डाल पर,

तेरी दया की है नजर,

हर घड़ी यशोमत दुलारा,

तेरे बरसाना में है,

हर घड़ी यशोमत दुलारा,

तेरे बरसाना में है,

लाडली अद्भुत नजारा,

तेरे बरसाने में है ॥

बेसहारों को सहारा,

तेरे बरसाने में है।

लाडली अद्भुत नजारा,

तेरे बरसाने में है ॥

भानु की है लाड़ली तू,

श्याम की है प्राणेश्वरी,

प्रेम का अद्भुत नजारा,

तेरे बरसाने में है,

प्रेम का अद्भुत नजारा,

तेरे बरसाने में है,

लाडली अद्भुत नजारा,

तेरे बरसाने में है ॥

बेसहारों को सहारा,

तेरे बरसाने में है।

लाडली अद्भुत नजारा,

तेरे बरसाने में है ॥

तू ही ममता की है सरिता,

तू ही है करुणामयी,

तेरी कृपा की शीतल छाया,

तेरे बरसाने में है,

तेरी कृपा की शीतल छाया,

तेरे बरसाने में है,

लाडली अद्भुत नजारा,

तेरे बरसाने में है ॥

बेसहारों को सहारा,

तेरे बरसाने में है।

लाडली अद्भुत नजारा,

तेरे बरसाने में है ॥

अब कहाँ जाऊं किशोरी,

तेरे दर को छोड़ कर,

मेरे जीवन का सहारा,

तेरे बरसाने में है,

मेरे जीवन का सहारा,

तेरे बरसाने में है,

लाडली अद्भुत नजारा,

तेरे बरसाने में है ॥

बेसहारों को सहारा,

तेरे बरसाने में है।

लाडली अद्भुत नजारा,

तेरे बरसाने में है ॥

लाड़ली अद्भुत नजारा,

तेरे बरसाने में है,

बेसहारों को सहारा,

तेरे बरसाने में है,

लाडली अद्भुत नजारा,

तेरे बरसाने में है ॥

बेसहारों को सहारा,

तेरे बरसाने में है।

लाडली अद्भुत नजारा,

॥ दोहा ॥

तेरे बरसाने में है ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।