लाल लाल चुनरी सितारो वाली

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

लाल लाल चुनरी सितारों वाली,

सितारो वाली,

जिसे ओढकर आई है,

माँ शेरोवाली ॥

जिसको ब्रह्मा ने बनाया,

जिसको विष्णु ने सजाया,

जिसको भोले ने रंग में रंग डाली,

लाल लाल चुनरी सितारों वाली,

सितारो वाली,

जिसे ओढकर आई है,

माँ शेरोवाली ॥

लाल लाल चुनरी सितारों वाली,

सितारो वाली,

जिसे ओढकर आई है,

माँ शेरोवाली ॥

रंग चुनरी का शक्ति अपार देता,

पाप मन में बसे इसको मार देता,

जिसने सारी अला-बला,

भगतो की टाली,

जिसे ओढकर आई है,

माँ शेरावाली ॥

लाल लाल चुनरी सितारों वाली,

सितारो वाली,

जिसे ओढकर आई है,

माँ शेरोवाली ॥

इसके कोने में रिद्धि-सिद्धि रहती है,

शुभ और लाभ भक्तो को देती है,

भक्तो के मन को यह,

चुनरी भाने वाली,

जिसे ओढकर आई है,

माँ शेरावाली ॥

लाल लाल चुनरी सितारों वाली,

सितारो वाली,

जिसे ओढकर आई है,

माँ शेरोवाली ॥

माँ के सर पे यह चुनड़ी,

सुहानी लगती,

सारी दुनिया है माँ की,

दीवानी लगती,

दुख के बादल दूर यह,

भगाने वाली,

जिसे ओढकर आई है,

माँ शेरावाली ॥

लाल लाल चुनरी सितारों वाली,

सितारो वाली,

जिसे ओढकर आई है,

माँ शेरोवाली ॥

अपनी चुनरी की छाया में,

बिठा ले श्याम को,

लक्खा जपता रहे,

माँ तुम्हारे नाम को,

भक्तो को दे दे माँ,

अमृत की प्याली,

जिसे ओढकर आई है,

माँ शेरावाली ॥

लाल लाल चुनरी सितारो वाली,

सितारो वाली,

जिसे ओढकर आई है,

माँ शेरावाली,

जिसको ब्रह्मा ने बनाया,

जिसको विष्णु ने सजाया,

जिसको भोले ने रंग में रंग डाली,

लाल लाल चुनरी सितारों वाली,

सितारो वाली,

जिसे ओढकर आई है,

॥ दोहा ॥

माँ शेरावाली ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।