क्यों हो गई चौखट से दूरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Vishnu Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

क्यों हो गई चौखट से दूरी,

कुछ तो जरा विचार लो,

मर्यादा से श्याम रिझा लो,

मर्यादा से श्याम रिझा लो,

आदत जरा सुधार लो,

क्यूँ हो गई चौखट से दूरी,

कुछ तो जरा विचार लो ॥

कलजुग का दातार है प्यारे,

इसे परखना आता है,

देव बड़ा अलबेला है ये,

लखदातार कुहाता है,

छोड़ के स्वारथ सच्चे भाव से,

छोड़ के स्वारथ सच्चे भाव से,

दिल से इसे पुकार लो,

क्यूँ हो गई चौखट से दूरी,

कुछ तो जरा विचार लो ॥

सौदागर बन सौदा करते,

लाड़ लड़ाना भूल गए,

धरम और मर्यादा भूले,

प्रभु शुकराना भूल गए,

झूठे टोटके झूठे चोचले,

झूठे टोटके झूठे चोचले,

दिल से जरा निकाल लो,

क्यूँ हो गई चौखट से दूरी,

कुछ तो जरा विचार लो ॥

सीखो अपने बड़ो से नियम,

खाटू आने जाने का,

मर्यादा और भाव से प्यारे,

सांवरिये को रिझाने का,

जनम हो जाएगा जी,

जनम हो जाएगा जी,

स्वारथ की गठरी उतार लो,

क्यूँ हो गई चौखट से दूरी,

कुछ तो जरा विचार लो ॥

सब सुख इसकी झोली में है,

जिसपे चाहे वार दे,

सरल भाव से जो कोई आवे,

उसका जनम सुधार दे,

‘रोमी’ कहता श्याम के दर पे,

‘रोमी’ कहता श्याम के दर पे,

अहंकार को मार लो,

क्यूँ हो गई चौखट से दूरी,

कुछ तो जरा विचार लो ॥

क्यों हो गई चौखट से दूरी,

कुछ तो जरा विचार लो,

मर्यादा से श्याम रिझा लो,

मर्यादा से श्याम रिझा लो,

आदत जरा सुधार लो,

क्यूँ हो गई चौखट से दूरी,

॥ दोहा ॥

कुछ तो जरा विचार लो ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।