कूष्मांडा देवी कवच

पारंपरिक
श्री राम मंत्र Mantra Maa Durga Mantra
॥ पावन पाठ ॥

हंसरै में शिर पातु

कूष्माण्डे भवनाशिनीम् ।

हसलकरीं नेत्रेच,

हसरौश्च ललाटकम् ॥

कौमारी पातु सर्वगात्रे,

वाराही उत्तरे तथा,

पूर्वे पातु वैष्णवी

इन्द्राणी दक्षिणे मम ।

दिगिव्दिक्षु सर्वत्रेव

॥ दोहा ॥

कूं बीजं सर्वदावतु ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

कूष्मांडा देवी कवच | Kushmanda Devi Kavach

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।