कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा, हरी शरण आने के बाद

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Shri Vishnu Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,

हरी शरण आने के बाद ।

कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,

हरी शरण आने के बाद ।

हर ख़ुशी मिल जायेगी तुझे,

चरणों में झुक जाने के बाद ।

कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,

हरी शरण आने के बाद ।

कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,

हरी शरण आने के बाद ।

प्रेम के मंजिल के राही,

कष्ट पाते हैं मगर,

बीज़ फलता है सदा,

मिट्टी में मिल जानें के बाद,

कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,

हरी शरण आने के बाद ।

देख़कर काली घटा को,

ए भ्रमर मत हो निराश,

बंद कलियाँ भी खिलेंगी,

रात ढल जानें के बाद,

कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,

हरी शरण आने के बाद ।

पूछों इन फूलों से जाकर,

छाई है कैसे बहार,

कब तलाक काँटों पे सोया,

डाल पर आने के बाद,

कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,

हरी शरण आने के बाद ।

जब तलक है भेद मन में,

कुछ नहीं कर पायेगा,

रंग लाएगा ये साधन,

भेद मिट जाने के बाद,

कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,

हरी शरण आने के बाद ।

कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,

हरी शरण आने के बाद ।

हर ख़ुशी मिल जायेगी तुझे,

चरणों में झुक जाने के बाद ।

कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,

हरी शरण आने के बाद ।

कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,

हरी शरण आने के बाद ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।