कितने दिनों के बाद है आई, भक्तो रात

संत सूरदास
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

कितने दिनों के बाद है आई,

भक्तो रात भजन की,

अब आ भी जा माँ,

आस लगाई आई,

भक्तो रात भजन की ॥

सूरज चाँद सितारे हरदम,

तेरा माँ गुण गाते,

दूर दूर से भक्त माँ तेरे,

दर्शन पाने आते,

तेरे चरणों में माँ,

ज्योत जलाई आई,

भक्तो रात भजन की,

कितने दिनो के बाद है आई,

भक्तो रात भजन की ॥

दुखियों का दुःख दूर करे माँ,

दुष्टों का संहार करे,

जो माँ को श्रद्धा से ध्याये,

माँ उसका उद्धार करे,

सच कहती हूँ है ये,

ममता की माई आई,

भक्तो रात भजन की,

कितने दिनो के बाद है आई,

भक्तो रात भजन की ॥

इस जग में सबकुछ है पराया,

झूठी है सब माया,

धूल जाते है पाप सभी जब,

माँ का दर्शन पाया,

बस दर्शन पाले तेरा,

शेरावाली माई आई,

भक्तो रात भजन की,

कितने दिनो के बाद है आई,

भक्तो रात भजन की ॥

कितने दिनों के बाद है आई,

भक्तो रात भजन की,

अब आ भी जा माँ,

आस लगाई आई,

भक्तो रात भजन की ॥

दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।