किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं

पारंपरिक
अन्य भजन Bhajan Arya Samaj Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

किसी के काम जो आये,

उसे इन्सान कहते हैं ।

पराया दर्द अपनाये,

उसे इन्सान कहते हैं ॥

कभी धनवान है कितना,

कभी इन्सान निर्धन है ।

कभी सुख है, कभी दुःख है,

इसी का नाम जीवन है ॥

जो मुश्किल में न घबराये,

उसे इन्सान कहते हैं ॥

किसी के काम जो आये,

उसे इन्सान कहते हैं ।

पराया दर्द अपनाये,

उसे इन्सान कहते हैं ॥

यह दुनियाँ एक उलझन है,

कहीं धोखा कहीं ठोकर ।

कोई हँस-हँस के जीता है,

कोई जीता है रो-रोकर ॥

जो गिरकर फिर सँभल जाये,

उसे इन्सान कहते हैं ॥

किसी के काम जो आये,

उसे इन्सान कहते हैं ।

पराया दर्द अपनाये,

उसे इन्सान कहते हैं ॥

अगर गलती रुलाती है,

तो राहें भी दिखाती है ।

मनुज गलती का पुतला है,

यह अक्सर हो ही जाती है ॥

जो कर ले ठीक गलती को,

उसे इन्सान कहते हैं ॥

किसी के काम जो आये,

उसे इन्सान कहते हैं ।

पराया दर्द अपनाये,

उसे इन्सान कहते हैं ॥

यों भरने को तो दुनियाँ में,

पशु भी पेट भरते हैं ।

लिये इन्सान का दिल जो,

वो नर परमार्थ करते हैं ॥

पथिक जो बाँट कर खाये,

उसे इन्सान कहते हैं ॥

किसी के काम जो आये,

उसे इन्सान कहते हैं ।

पराया दर्द अपनाये,

॥ दोहा ॥

उसे इन्सान कहते हैं ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।