किशोरी कुछ ऐसा इंतज़ाम हो जाए जुबां पे राधा राधा नाम हो जाए

मृदुल कृष्ण शास्त्री
श्री कृष्ण भजन भजन मृदुल कृष्ण शास्त्री
॥ दोहा ॥

लाडली राधे दयामयी, सुन लो मेरी पुकार।
तेरे दर पर आ पड़ा, कर दो बेड़ा पार॥

॥ चौपाई ॥

किशोरी कुछ ऐसा इंतज़ाम हो जाए।
जुबां पे राधा राधा नाम हो जाए॥
किशोरी कुछ ऐसा इंतज़ाम हो जाए॥

जब घिरे संकटों से ये जीवन मेरा।
सामने हो सदा श्यामा चेहरा तेरा॥
तेरी चौखट पे सुबह ओ शाम हो जाए।
जुबां पे राधा राधा नाम हो जाए॥

मुझे अपने चरणों में थोड़ी जगह दो।
अपनी दासी समझ के सहारा मुझे दो॥
तेरे चरणों में अर्पण ये जान हो जाए।
जुबां पे राधा राधा नाम हो जाए॥

मृदुल कृष्ण की लाडली विनती सुनो।
भक्ति का रंग मेरे मन पे चुनो॥
जीवन राधा मय अभिराम हो जाए।
जुबां पे राधा राधा नाम हो जाए॥

॥ दोहा ॥

श्री वृषभानु किशोरी जी, राखो अपनी छाँव।
मृदुल कृष्ण पावे सदा, पावन राधा नाँव॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

श्री राधारानी के चरणों में अनन्य समर्पण का भावपूर्ण भजन, जिसमें भक्त अपनी हर सांस और जुबां पर केवल श्री राधा नाम की निरंतरता मांगता है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।