॥ दोहा ॥
करुणा भरी किशोरी राधे, देहु चरण रज मोहि।
जुबां पे राधा नाम हो, जीवन सफल हो सोहि॥
॥ चौपाई ॥
किशोरी कुछ ऐसा इंतज़ाम हो जाए।
जुबां पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
जब घिरे संकटों से मेरी ये जिंदगी।
सामने तू खड़ी हो मेरे सामने खड़ी॥
श्री राधे श्री राधे श्री राधे बोलो।
राधे नाम का प्याला अमृत घोलो॥
बरसाने की गलियों में मेरा बसेरा हो।
सांझ भी राधा हो और राधा सवेरा हो॥
लाडली कृपा की एक नज़र डाल दो।
भव के बंधनों से मुझको निकाल दो॥
किशोरी कुछ ऐसा इंतज़ाम हो जाए।
जुबां पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
॥ दोहा ॥
राधे मेरी स्वामिनी मैं राधे को दास।
जनम जनम मोहे दीजियो श्री वृंदावन को बास॥