द्वार तिहारे आ पड़ा, दीन दुखी लाचार।
लाज रखो सांवरिया, सुन लो करुण पुकार॥
खाटू वाले श्याम बिहारी, मेरा भी एक काम कर दो।
अपनी पावन भक्ति का, जीवन में वरदान दे दो॥
खाटू वाले श्याम बिहारी॥
लाखों की तकदीर सँवारी, तूने ओ लखदातारी।
मेरी भी सुध ले लो बाबा, मैं शरण पड़ा तुम्हारी॥
सिर पर अपने सेवक के, कृपा का हाथ धर दो।
खाटू वाले श्याम बिहारी, मेरा भी एक काम कर दो॥
संसार के झूठे रिश्तों से, अब दिल मेरा घबराया।
जब जब भी ठोकर खाई, तेरे दर पे ही सुख पाया॥
भवसागर की लहरों से, नैया मेरी पार कर दो।
खाटू वाले श्याम बिहारी, मेरा भी एक काम कर दो॥
कन्हैया मित्तल गाए महिमा, खाटू के सरकार।
सदा बना रहे प्यारे हम पर, तेरा ये उपकार॥
खाटू वाले श्याम बिहारी, मेरा भी एक काम कर दो॥
तीन बाण के धारी तुम, शीश के दानी श्याम।
कन्हैया मित्तल वंदना, सिद्ध करो सब काम॥