बिगड़ी बनाने वाले तुम, सब सुख के दातार।
मेरी भी सुध लीजिए, हे खाटू सरकार॥
खाटू वाले बाबा मेरी बिगड़ी बना दे, बिगड़ी बना दे बाबा बिगड़ी बना दे।
सोया हुआ मुकद्दर मेरा तू जगा दे॥
खाटू वाले बाबा मेरी बिगड़ी बना दे॥
चारों तरफ से मुझको दुखों ने है घेरा।
तू ही बता दे बाबा कौन है मेरा॥
अपने इस बालक को सीने से लगा ले, सोया हुआ मुकद्दर मेरा तू जगा दे॥
खाटू वाले बाबा मेरी बिगड़ी बना दे॥
लाखों की नैया तूने पार उतारी।
अब क्यों देर लगाई मेरे बांके बिहारी॥
मुझ पर भी अपनी एक नज़र डाल दे, सोया हुआ मुकद्दर मेरा तू जगा दे॥
खाटू वाले बाबा मेरी बिगड़ी बना दे॥
संजय मित्तल गाए खाटू की महिमा।
तेरी दया की बाबा कोई ना सीमा॥
हाथ पकड़ के बाबा पार लगा दे, सोया हुआ मुकद्दर मेरा तू जगा दे॥
खाटू वाले बाबा मेरी बिगड़ी बना दे॥
बिगड़ी को जो बना देवे, सोई खाटू श्याम।
संजय मित्तल भजु सदा, सीताराम राधेश्याम॥